भागलपुर जदयू सांगठनिक चुनाव संपन्न: 9 प्रखंड अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित, एक का चुनाव स्थगित
भागलपुर जदयू सांगठनिक चुनाव संपन्न: 9 प्रखंड अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित, एक का चुनाव स्थगित

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांगठनिक चुनाव कार्यक्रम के अंतर्गत भागलपुर जिले में प्रखंड अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यह चुनाव संगठन को मजबूत करने और पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिले के कुल 10 सांगठनिक प्रखंडों में चुनाव कराए गए। इनमें से 9 प्रखंडों के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए, जबकि एक प्रखंड में तकनीकी एवं संगठनात्मक कारणों से चुनाव स्थगित कर दिया गया है। उस प्रखंड की नई तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।
निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और अनुशासित माहौल में संपन्न हुई। सभी प्रखंडों में पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। निर्विरोध चुनाव इस बात का संकेत है कि संगठन के भीतर आपसी विश्वास, समन्वय और एकजुटता मजबूत है।
जिला प्रवक्ता शैलेंद्र तोमर ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम का संचालन जिला निर्वाचन पदाधिकारी अर्जुन साह के नेतृत्व में किया गया। वहीं, जिला निर्वाची पर्यवेक्षक मनोरंजन मजुमदार के मार्गदर्शन में पूरी प्रक्रिया पार्टी के संविधान और निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी की गई। 20 फरवरी से 23 फरवरी तक चले इस चुनाव कार्यक्रम के प्रत्येक चरण की बारीकी से निगरानी की गई।
चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। सभी प्रखंडों में नामांकन, प्रस्ताव, समर्थन और निर्वाचन की औपचारिकताएं तय समयसीमा में पूरी की गईं। नव-निर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों ने संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।
निर्विरोध निर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों के नाम इस प्रकार हैं—
विजय मंडल (सन्हौला)
किशोर कुमार (गोराडीह)
शाहबाज आलम मुन्ना (कहलगांव)
रमाशंकर सिन्हा (पीरपैंती)
बृजेश सिंह (सबौर)
ललन कुशवाहा (नाथनगर)
विनय कुमार (शाहकुंड)
सदानंद कुमार (सुल्तानगंज)
मनीष कुमार (सुल्तानगंज नगर)
स्थगित प्रखंड में भी शीघ्र ही निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
आगामी दिनों में सभी नव-निर्वाचित अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रमों को गति देंगे, जिससे पार्टी की जमीनी पकड़ और मजबूत होगी।




