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जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि जनता को इस पहल से काफी उम्मीदें हैं। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी आवेदनों की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी। सरकार और प्रशासन का यह प्रयास जनहित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

भागलपुर में उपमुख्यमंत्री के जनसंवाद में 2613 आवेदन, 10 दिनों में होगा ज़मीन संबंधी मामलों का समाधान

भागलपुर में उपमुख्यमंत्री के जनसंवाद में 2613 आवेदन, 10 दिनों में होगा ज़मीन संबंधी मामलों का समाधान

संवाददाता: जितेन्द्र कुमार, भागलपुर

भागलपुर में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान जिले भर से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इस जनसंवाद में कुल 2613 आवेदन पंजीकृत किए गए, जिनमें अधिकांश आवेदन भूमि एवं राजस्व से जुड़ी समस्याओं से संबंधित रहे।

लोगों ने ज़मीन विवाद, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, सीमांकन, कब्जा, बंदोबस्ती सहित अन्य राजस्व मामलों को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। जनसंवाद कार्यक्रम के उपरांत भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की मंशा आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है।

जिलाधिकारी ने बताया कि पंजीकृत 2613 आवेदनों में से जो मामले समाधान योग्य हैं, विशेषकर ज़मीन से जुड़े विवाद, उनका आगामी 10 दिनों के भीतर निष्पादन कर दिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। साथ ही यह भी जानकारी दी कि आवेदनों की जांच और वर्गीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे प्रत्येक आवेदन संबंधित विभाग और सक्षम पदाधिकारी तक पहुंच सके।

डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि भूमि विवादों के त्वरित समाधान को लेकर अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक की गई है। इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में दस्तावेज़ों की कमी या कानूनी अड़चनें हैं, वहां आवेदकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी समस्या का समाधान करा सकें। प्रशासन का प्रयास है कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और एक ही मंच पर समाधान उपलब्ध हो।

जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि जनता को इस पहल से काफी उम्मीदें हैं। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी आवेदनों की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी। सरकार और प्रशासन का यह प्रयास जनहित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

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