फर्जी हस्ताक्षर व कूटरचित दस्तावेज़ से दाखिल-खारिज का प्रयास, पीड़ित ने उपमुख्यमंत्री से की सख़्त कार्रवाई की मांग
फर्जी हस्ताक्षर व कूटरचित दस्तावेज़ से दाखिल-खारिज का प्रयास, पीड़ित ने उपमुख्यमंत्री से की सख़्त कार्रवाई की मांग

फर्जी हस्ताक्षर व कूटरचित दस्तावेज़ से दाखिल-खारिज का प्रयास, पीड़ित ने उपमुख्यमंत्री से की सख़्त कार्रवाई की मांग
भागलपुर जिले के गोराडीह अंचल अंतर्गत भूमि विवाद से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज़ के आधार पर दाखिल-खारिज कराने का प्रयास किए जाने का आरोप लगा है।
पीड़ित प्रदीप प्रकाश उर्फ प्रदीप कुमार सिंह ने माननीय उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा को दिए गए आवेदन में बताया है कि वर्ष 2024–25 में उनकी पैतृक भूमि—खाता संख्या 177, खेसरा संख्या 479—पर आशा सिन्हा उर्फ माया देवी द्वारा जाली दस्तावेज़ और फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से दाखिल-खारिज कराए जाने तथा ऑनलाइन रसीद कटवाने का प्रयास किया गया।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस पूरे प्रकरण में आशा सिन्हा के पति सिताराम सिंह एवं सुमित कुमार सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित पक्ष ने अंचल कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद अंचल अधिकारी द्वारा संबंधित दाखिल-खारिज को रद्द कर दिया गया। बावजूद इसके, अब तक कथित आरोपियों के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित का कहना है कि वर्तमान में याचिका संख्या 33113 (दिनांक 08/07/2025), बाद संख्या 1104R27/2025–26 अंचल कार्यालय में लंबित है, जहां बार-बार निराधार आपत्तियाँ दाखिल कर मामले को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है।
पीड़ित ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा लंबित याचिका का शीघ्र और निष्पक्ष निष्पादन कराया जाए। यह मामला राजस्व व्यवस्था की पारदर्शिता और भूमि अभिलेखों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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