भागलपुर: गोराडीह अंचल कार्यालय में घूस आरोप के बाद मारपीट का गंभीर मामला, बयान दबाव में बनवाने का भी आरोप
भागलपुर: गोराडीह अंचल कार्यालय में घूस आरोप के बाद मारपीट का गंभीर मामला, बयान दबाव में बनवाने का भी आरोप

भागलपुर: गोराडीह अंचल कार्यालय में घूस आरोप के बाद मारपीट का गंभीर मामला, बयान दबाव में बनवाने का भी आरोप
भागलपुर जिले के गोराडीह अंचल कार्यालय से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अंचल अधिकारी तान्या कुमारी पर 20 हजार रुपये तथा एक कर्मचारी पर 10 हजार रुपये घूस लेने का आरोप लगाने वाली महिला बीबी साहेला के पुत्र के साथ कथित रूप से अंचल कार्यालय परिसर में मारपीट का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आरोप के अनुसार, घूस से जुड़े वीडियो के वायरल होने के बाद बीबी साहेला को अंचल कार्यालय बुलाया गया। वह अपने पुत्र के साथ कार्यालय पहुंची थीं। इसी दौरान अंचल कार्यालय के गेट पर, अंचलाधिकारी के निर्देश पर तैनात सुरक्षा गार्ड द्वारा बीबी साहेला के पुत्र के साथ मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि हाथ मरोड़े गए, पेट पर लात-घूंसे मारे गए और यह कहते हुए धमकाया गया कि “जब पैसा दिया था तो मीडिया को क्यों बताया।”
मारपीट के बाद आरोपित एक सुरक्षाकर्मी मौके से फरार हो गया। वहीं, एक अन्य सुरक्षाकर्मी का यह बयान भी सामने आया है कि “दोनों में हाथापाई हो रही थी, मैंने छुड़ाया।” हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का दबी जुबान में कहना है कि मारपीट हुई है। यह घटना अंचल कार्यालय के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड होने की बात कही जा रही है, लेकिन अंचल कार्यालय के अधिकारी कथित तौर पर फुटेज दिखाने से इनकार कर रहे हैं।
मामले को और गंभीर बनाते हुए यह भी आरोप लगाया गया है कि शुक्रवार की शाम लगभग 6:30 बजे तक बीबी साहेला को अंचल कार्यालय परिसर में रोके रखा गया और डराकर एक वीडियो बयान बनवाया गया, जिसमें उनसे यह कहलवाया गया कि उनसे कोई पैसा नहीं लिया गया और उनका सारा काम हो गया है। यह वीडियो अंचल अधिकारी द्वारा अपने बचाव में बनवाए जाने का आरोप है। गोपनीय सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पीछे से कुछ लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं—“बोलो, मेरा सारा काम हो गया।” बताया जा रहा है कि यह वीडियो अंचल कार्यालय की ऊपरी छत पर बनाया गया।
स्थानीय लोगों और फरियादियों का कहना है कि एक आरोप को दबाने के लिए पहले पीड़ित के पुत्र के साथ मारपीट की गई और फिर कथित रूप से दबाव में गलत बयान दिलवाया गया। वहीं, इसी दिन अंचल कार्यालय में कई अन्य फरियादियों की सुनवाई भी हुई, लेकिन वे संतोषजनक समाधान न मिलने से नाराज दिखे, जिससे पूरे परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
फिलहाल, यह मामला पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की ओर से सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बाइट:- पीड़ित बीबी सहेला और उनके पुत्र




